मैनपुरी को मिला आशीर्वाद

मैनपुरी. शहर के बेहद खास बाज़ार यादव मार्केट के ठीक सामने दो मंजिला ईमारत ४ दशकों से भी ज्यादा समय से जिले की जनता को आकर्षित कर रही है.इस ईमारत को मैनपुरी के लोग ''आशीर्वाद भवन'' के नाम से जानते है. भवन के हाते से गुज़र कर कुछ कदम पर ही बेहद व्यस्त ऑफिस नुमा कमरे के ठीक बगल से नए कमरे में दाखिल होंगे तो चश्मा लगाए न्यूज़ पेपरों के पन्ने पलटते एक बुजुर्ग नज़र आएंगे. बेहद शांत और सरल से दिखने वाले इसी सख्स को मैनपुरी के लोग नेमीचंद जैन के नाम से जानते हैं. लोग इन्हें ''वकील साहब'' के नाम से भी जानते हैं. नयी पीडी भले ही नेमीचंद जैन के बारे में ना जानती हो लेकिन नेमीचंद का आशीर्वाद लेकर मैनपुरी की एक पीडी जवान हुई है और दूसरी जवान हो रही। मैनपुरी में व्यापारिक माहोल बनाने में नेमीचंद जैन ने एक अहम् भूमिका अदा की है। नेमीचंद पहले ऐसे सख्स थे जिन्होंने मैनपुरी की जनता को व्यापार के तोर तरीकों को समझाया.लोगों को व्यापार के लिए प्रेरित किया. ये वो दोर था जब मैनपुरी में व्यापारिक गतिविधियाँ शून्य थी. जागरूकता की कमी के चलते आम लोग सेल्स टेक्स के डर से व्यापार नहीं करते थे. उस दोर में नेमीचंद जैन ने लोगो को बताया सेल्स टेक्स व्यापार और व्यापरियों के हित में है.मैनपुरी में स्थापित फेक्टरी.मिल्स.शोरूम और दुकाने नेमीचंद जैन के ही आशीर्वाद से सफलता हासिल कर रही हैं. नेमीचंद जैन मानते हैं कि ''बिना व्यापारिक विकास से मैनपुरी का भला नहीं हो सकता है.'' नेमीचंद जैन ने मैनपुरी को नई सोच और बेहतर नजरिया देने का काम किया है. ७० बसंत पर कर चुके नेमीचंद इस उम्र में भी दिमागी तोर पर युवा नजर आते हैं.उम्र के इस पडाव पर भी कुछ नया करना चाहते है. पूंजीवाद से लेकर साम्यवादी विचारधारा के इतिहास और इसके उत्त्पत्ति के कारणों पर आज भी इनकी जानकारी लोगो को चोंका सकती है.संगीत साहित्य और समाज में इनकी गहरी रूचि नेमीचंद जैन की ऊँची सोच की निशानी है.एक जमाना था जब आशीर्वाद भवन में सांसद.विधायक.आई ऐ एस अफसर.व्यापारी.साहित्यकार और पत्रकार एकसाथ बैठकर चर्चा करते थे.आज की अगर बात करें तो अलग अलग पेशे से जुड़े इन लोगों के एकसाथ बैठाना मुशिकिल ही नहीं नामुमकिन भी है.लेकिन नेमीचंद जैन ने नामुमकिन को भी मुमकिन कर के दिखाया है.ये नेमीचंद जैन का अपना समाजवाद है.जो आपको आशीर्वाद भवन में ही देखने को मिल सकता है. सच तो ये है कि मैनपुरी के आधुनिक इतिहास के पन्ने पर जब तक नेमीचंद जैन के योगदान को अंकित नहीं किया जायेगा तब तक आने वाली पीडी को उनके इस योगदान को उदहारण के रूप में बताया जाता रहेगा.
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About VOICE OF MAINPURI

9 टिप्पणियाँ:

  1. Dear Hirdesh,
    i read ur blog, its really intresting. i m also belong from mainpuri but before that i dont know about this. keep it on GREAT....
    Thanks & Regards

    Mohit Arora

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  2. jain saheb ko hamari bhi badhai....bhagwan unko lambi umr de.

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  3. My regards to Mr.Jain.May God bless him with good health and the same positive vision to guide us thru the coming years.His down to earth nature is very well passed to his sons.God bless them also.Our Mainpuri really needs guiding stars such as Mr.Jain.

    Thanks & Regards

    Shivam Misra
    90/Chauthiyana,
    Mainpuri.

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  4. नेमीचंद जी के बारे मे जितना लिखा जाय वह कम है
    आप कि तरह दूसरो कि भलाई सोचने वाले व मदत
    करने बाले आज उगलियो पर गिने जा सकते है
    इस तरह कि शक्सियत के बारे मे लिख कर हिर्देश भाई आपने
    बधाई का कार्य किया है

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  5. बहुत खूब हिर्देश जी.आपने अपने इस ब्लॉग के जरिये मैनपुरी के असली नायकों को सामने लाकर नई जनरेशन पर उपकार किया हैं.मैनपुरी में आप जैसे ही जर्नलिस्ट की जरुरत हैं.आपका चेनल भी बहुत अच्छा काम कर रही.अंत मैं नेमीचंद जी और आपको दिल से शुबकामनाएं.
    मयंक मिश्र

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  6. Dear Satyam News,

    I was recently interviewed by Subodh Tiwari, when in Mainpuri. I really appreciated your interest in my visit. However my email to thank him was undelivered. Do I have the corect email address? - satyamnews@gemail.com

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  7. I have some pics of my visit to the Satyam TV station Mainpuri .. will post them on my Facebook page. Please give my regards to Subodh and all at Satyam

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  8. बहुत खूब हिर्देश जी आपने
    बधाई का कार्य किया है, आप कि तरह दूसरो कि भलाई सोचने वाले व मदत
    करने बाले आज उगलियो पर गिने जा सकते है,अपने इस ब्लॉग के जरिये मैनपुरी के असली नायकों को सामने लाकर नई जनरेशन पर उपकार किया हैं.मैनपुरी में आप जैसे ही जर्नलिस्ट की जरुरत हैं,अंत मैं हमारी ओर से भी नेमीचंद जी को बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

    ईo पीयूष मिश्रा

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  9. बहुत खूब हिर्देश जी.आपने अपने इस ब्लॉग के जरिये मैनपुरी के असली नायकों को सामने लाकर नई जनरेशन पर उपकार किया हैं.मैनपुरी में आप जैसे ही जर्नलिस्ट की जरुरत हैं.आपका चेनल भी बहुत अच्छा काम कर रही.अंत मैं नेमीचंद जी और आपको दिल से शुबकामनाएं.

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