मैनपुरी में कम्प्यूटर सेंटर कमाई का एक अच्छा जरिया बन चुका है। जगह-जगह खुले कम्प्यूटर सेंटर में से कई सेंटर फर्जी रूप से संचालित हो रहे हैं। जिनकी किसी संस्था से मान्यता प्राप्त नहीं है।
कम्प्यूटर के बढ़ते प्रचलन से लगभग सभी छात्र-छात्राएं कम्प्यूटर में अपना भविष्य खोज रहे हैं। इसी का फायदा उठाते हुए जगह-जगह कम्प्यूटर सेंटर लोगों ने संचालित कर रखे है।
इन फर्जी सेंटरों पर कम्प्यूटर शिक्षा के नाम पर छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर पंपलेट, बैनर आदि पर कम्प्यूटर सेंटरों की विशेषताएं लिखी है। वहीं कई सेंटरों के होर्डिग्स में तो जॉब देने की गारंटी भी है। इन विज्ञापनों को पढ़कर छात्र-छात्राओं की भीड़ कम्प्यूटर सेंटरों पर पहुंचती है। यदि जांच कर देखा जाये तो कई कम्प्यूटर सेंटर तो ऐसे हैं जिनका किसी भी संस्था से सम्बन्ध ही नहीं है।
इन सेंटरों पर कम्प्यूटर शिक्षा के नाम पर सिर्फ छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। क्षेत्र में इन दिनों कम्प्यूटर सेंटरों की बाढ़ आ चुकी है। इसके अलावा कुछ कम्प्यूटर सेंटर ऐसे भी है जहां सेंटर पर थोड़ा बहुत सीख चुके छात्र ही शिक्षक बन बैठे हैं। ऐसे अधूरे ज्ञान वाले शिक्षक दूसरे को क्या सिखाते होंगे यह तो खुद ही समझा जा सकता है !! लेकिन इन अवैध संचालकों पर प्रशासन की नजर ही नहीं पहुंच रही है। ऐसे में आये दिन होने वाले फर्जीवाडो से इन छात्र-छात्राओं को बचाने वाला कोई नहीं दिखता !
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प्रशासन से यही उम्मीद की जा रही है कि वह अपनी नींद से जागे और जल्द से जल्द उचित करवाई कर इन छात्र-छात्राओं के भविष्य को बर्बाद होने से बचा लें !





